रोहित गोदारा गैंग के नाम पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के कई मामले सामने आए। पीड़ितों का आरोप—शिकायत और सबूत देने के बावजूद अब तक नहीं हुई गिरफ्तारी। पुलिस का दावा—विदेशी नंबरों और साइबर तकनीक के कारण जांच के लग रहा समय, सभी को सुरक्षा करवाई गई मुहैया
जींद।
हरियाणा के जींद जिले में रंगदारी और गैंगस्टर नेटवर्क को लेकर एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस नेताओं, और पत्रकारों को रोहित गोदारा गैंग के नाम पर जान से मारने की धमकियां और करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के कई मामले सामने आए हैं। कई पीड़ितों का आरोप है कि शिकायत और तकनीकी साक्ष्य पुलिस को सौंपने के बावजूद अब तक किसी भी मामले में कोई बड़ी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
कांग्रेस नेता एवं शराब कारोबारी नवीन सांगवान आरोप लगाया था कि 1 फरवरी को उन्हें व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से रोहित गोदारा गैंग के नाम पर 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। कॉल करने वाले ने खुद को गैंग का सदस्य नवीन बॉक्सर बताया था।

नवीन सांगवान का कहना है कि धमकी मिलने के बाद पुलिस ने उनकी सुरक्षा के लिए दो गनमैन उपलब्ध करा दिए, लेकिन **करीब छह महीने बाद भी** आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनका आरोप है कि हर बार पुलिस केवल “जांच जारी है” कहकर मामला टाल देती है, जबकि अब तक न कोई गिरफ्तारी हुई और न ही कोई बड़ा खुलासा सामने आया।
दूसरा मामला प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य एवं युवा कांग्रेस नेता **अशोक मलिक** का है। अशोक मलिक के व्हाट्सएप पर एक वॉइस मैसेज भेजकर खुद को रोहित गोदारा गैंग का शूटर बताने वाले व्यक्ति ने **5 करोड़ रुपये की रंगदारी** मांगी। धमकी में कहा गया कि यदि रकम नहीं दी गई तो उनकी रेंज रोवर गाड़ी को गोलियों से छलनी कर दिया जाएगा और उनकी हत्या कर दी जाएगी।

अशोक मलिक ने तुरंत सिविल लाइन थाना पुलिस को शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। अशोक मलिक का आरोप है कि हरियाणा में कानून-व्यवस्था लगातार कमजोर होती जा रही है और अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं।
इसी तरह हरियाणा के चर्चित पत्रकार **देशी पत्रकार धरमु** और उनके सहयोगी **राजीव राठी** को भी जान से मारने की धमकियां मिलने का मामला सामने आ चुका है। पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने संबंधित सभी तथ्य और तकनीकी साक्ष्य जींद पुलिस को उपलब्ध कराए, लेकिन अब तक इस मामले में भी कोई ठोस कार्रवाई या गिरफ्तारी नहीं हुई है।

लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर गैंगस्टरों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं?
यदि एक के बाद एक नेताओं और पत्रकारों को धमकियां मिल रही हैं और लंबे समय तक आरोपी कानून की पकड़ से बाहर हैं, तो आम नागरिक खुद को कितना सुरक्षित महसूस करेगा?
विपक्ष भी कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर लगातार सवाल उठा रहा है।
### **पुलिस का पक्ष**
इन मामलों पर पुलिस का कहना है कि धमकी देने वाले आरोपी विदेश में बैठकर विदेशी नंबरों और इंटरनेट आधारित कॉलिंग माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं। विदेशी नंबरों के कारण उनकी पहचान और लोकेशन का पता लगाने में समय लगता है।

Rajeev Rathi is a digital journalist and the Editor-in-Chief of Haryana Ki Baat, a Haryana-based digital news platform. With years of experience in reporting, digital media, and news production, he covers politics, crime, public issues, and social affairs. He is committed to delivering accurate, timely, and impactful journalism while giving a strong voice to the people of Haryana through digital platforms.
